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ज्ञान • विचार • जीवन
विषय: Shanti Mantra
“जहाँ शब्द सुकून बन जाएँ...” — अपनी आँखें कोमल रखें, रीढ़ सीधी रखें और नीचे दिए गए चक्र (Zen Enso) के साथ अपनी श्वास को जोड़ें।
पूर्ण श्वास चक्र (Completed Cycles): 0
सुखासन या कुर्सी पर रीढ़ को सीधा पर तनाव-मुक्त रखकर बैठें। कंधों को ढीला छोड़ दें और हथेलियों को घुटनों पर आकाश की ओर खुला रखें।
जब चक्र बड़ा हो तो नाक से धीरे-धीरे गहरी श्वास भीतर भरें, कुछ क्षण रोकें, और चक्र छोटा होते समय मुँह या नाक से सारा तनाव बाहर छोड़ दें।
मन में विचार आएँ तो उनसे लड़ें नहीं। उन्हें आकाश में तैरते बादलों की तरह देखें और कोमलता से अपना ध्यान वापस अपनी आती-जाती श्वास पर ले आएँ।
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